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PM के आने से पहले BHU में शिक्षा पर कांफ्रेंस:IGNOU के वीसी ने कहा- नैतिकता के तीन आयाम ज्ञान, कौशल औऱ मूल्य

BHU के मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में आज शोध पत्रिका मूल्य प्रवाह का विमोचन किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी आगमन से पहले आज काशी हिंदू विश्विद्यालय में शिक्षा और संस्कृति पर कांफ्रेंस हुआ। PM मोदी 7 जुलाई को वाराणसी में राष्ट्रीय शिक्षा सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। आज तैयारियों को परखने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव BHU में थे। मुख्य अतिथि के तौर पर वह एक कांफ्रेंस में भी शामिल हुए। साथ ही देश भर के कई शिक्षाविद इस कार्यक्रम में शामिल हुए। BHU के मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र द्वारा आज महामना व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। यहां पर भारतीय संस्कृति और नैतिकता पर कई बातें हुईं।

BHU में IGNOU के कुलपति ने कहा कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय शिक्षा के सबसे बड़े तपस्वी थे


IGNOU के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने कहा कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय शिक्षा के सबसे बड़े तपस्वी थे। कहा कि नैतिकता के तीन आयाम ज्ञान, कौशल औऱ मूल्य हैं। इनको आत्मसात करने की जरूरत है। मानवीय मूल्यों को भारत के बाहर भी पहुंचाने की जरूरत है। ताकि, भारतीय संस्कृति को लोग जान सकें। इस दौरान मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र की शोध पत्रिका 'मूल्य प्रवाह' का विमोचन किया गया। वहीं, BHU के पर्वतारोहण केंद्र के शिव यादव और बलराम यादव को उनके साहस और सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

वेस्टर्न कल्चर के दुष्प्रभाव से बचाने की जरूरत

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरे राम त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान में भारतीय संस्कृति को वेस्टर्न कल्चर के दुष्प्रभाव से बचाने की जरूरत है। आदि शंकराचार्य को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृति के ग्रोथ में उनके योगदान को कोई नहीं पा सकता। उन्होंने कहा कि सहिष्णुता भारतीय संस्कृति का प्राण तत्व है। वेद, पुराण, उपनिषद, ब्राम्हण, संहिता आदि का योगदान भारतीय संस्कृति के लिए है। अनेकता में एकता को हम भुला नहीं सकते। संस्कार से परिपूर्ण भारतीय संस्कृति में सबके कल्याण की भावना है।

BHU की जमीन के कण-कण में नैतिकता थी
केंद्र के अध्यक्ष प्रो. आशाराम त्रिपाठी ने कहा कि महामना के इस जमीन के कण-कण में नैतिकता थी। उन्होंने भारतीय संस्कृति की पताका को विश्व में फहराने के लिए BHU की जो स्थापना की थी, उसी मार्ग पर केंद्र चल रहा है। कार्यक्रम का संचालन BHU के डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ. संजीव सराफ और धन्यवाद डा. उषा त्रिपाठी ने किया। इस दौरान न्यायाधीश पीके सिंह, डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, सुमिल तिवारी, डॉ. रमेश निर्मेश, डॉ. धर्मजंग, डॉ. राजीव वर्मा आदि मौजूद रहे।

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